महारानी अस्पताल के डाॅक्टरों ने सूझबूझ से बचायी हृदयरोगी की जान

जगदलपुर। महारानी अस्पताल के डाॅक्टरों ने कार्डियोलाॅजिस्ट के बिना भी अपनी सूझबूझ से एक हार्टपेशेंट की जान बचा ली। वन विभाग में नौकरी करने वाली श्रीमती पार्वती सिन्हा को छाती में दर्द होने के कारण 10 जनवरी को महारानी अस्पताल लाया गया था। पहली बार ईसीजी करने पर रिपोर्ट सामान्य आया, लेकिन एक घंटे बाद फिर से ईसीजी करने पर हार्ट अटैक के लक्षण दिखे। अस्पताल में कोई कार्डियोलाॅजिस्ट नहीं होने के बाद भी डाॅ संबा शिव राव ने मरीज अटेंड किया, लेकिन कुछ ही देर में मरीज का हार्टफेल हो गया और तुरंत मरीज के फेफड़े में पानी भरने लगा। ऐसी स्थिति में डाॅ राव ने मरीज को तुरंत खून पतला करने का इंजेक्शन दिया और फेफड़े से पानी निकाला, जिससे मरीज का हार्ट पुनः काम करने लगा।

डाॅ.राव ने बताया कि लोकनिर्माण विभाग में कार्यरत मरीज के पति श्री आर एन सिन्हा ने मरीज को डिस्चार्ज कराना चाहा, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि तुरंत बाहर के दूसरे अस्पताल में ले जाना मरीज के लिए खतरनाक है, तो उन्होंने महारानी अस्पताल के डाॅक्टरों पर भरोसा जताते हुए मरीज को अस्पताल में ही रखा। पांच दिनों तक मरीज को आईसीयू में डाॅक्टरों की निगरानी में रखकर उपचार किया गया। स्थिति सामान्य होने पर मरीज को 15 जनवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज के पति श्री सिन्हा ने बताया कि डाॅक्टरों की सूझबूझ से उनकी पत्नी की जान बच गई। अब बेहतर इलाज के लिए पत्नी को हैदराबाद ले जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जगदलपुर के महारानी अस्पताल के कायाकल्प के साथ चिकित्सा गुणवत्ता में भी सुधार आया है।

Dinesh KG (EDITOR)

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