राष्ट्रीय डाक सप्ताह में जनसेवा और तकनीकी नवाचार की झलक : बस्तर संभाग में लगभग 111 करोड़ रूपये की DBT राशि हुई ट्रांसफर, स्कूली बच्चों में लेखन, फिलेटली क्विज़ और अब तक 20 से अधिक आधार शिविरों का आयोजन
अधीक्षक डाकघर ज्ञानेश मिश्रा ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी

राष्ट्रीय डाक सप्ताह में नवाचार और सेवा का संगम, बस्तर संभाग बना जनविश्वास का प्रतीक
चिट्ठियों से डिजिटल सेवाओं तक, बस्तर डाकघर ने गढ़ी जनविश्वास की नई कहानी

जगदलपुर। भारतीय डाक विभाग द्वारा मनाए जा रहे राष्ट्रीय डाक सप्ताह (6 से 10 अक्टूबर 2025) के अवसर पर बस्तर डाक संभाग में जनसेवा, तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधा से जुड़ी कई गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। अधीक्षक डाकघर ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान डिजिटल इंडिया से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में डाक विभाग की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूलों में लेखन एवं फिलेटली क्विज़ का आयोजन
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत स्कूली बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने हेतु पत्र लेखन और फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। क्विज़ में छात्रों से “भारत में डाक टिकट का शुभारंभ कब हुआ?” जैसे रोचक प्रश्न पूछे गये। स्कूली बच्चों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अमित शाह ने किया पिक्टोरियल पोस्टकार्ड का विमोचन
फिलेटली पर चर्चा के दौरान अधीक्षक ज्ञानेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बस्तर दशहरा और बारसूर गणेश जैसे विषयों पर विशेष डाक टिकट जारी हो चुके हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले पिक्टोरियल पोस्टकार्ड का भी हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करकमलों से विमोचन किया गया। यह पोस्टकार्ड अपनी कलात्मकता और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश-विदेश के संग्रहकर्ताओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। फिलेटली प्रेमी इसे बस्तर की संस्कृति, परंपरा और लोकगौरव का जीवंत प्रतीक मानते हैं।
आधार सेवा में नयी पहल : 3 दिनों में 300 आधार कार्ड बने
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान बस्तर, सुकमा और बीजापुर में लगभग 20 से अधिक शिविरों के माध्यम से आधार पंजीकरण और अद्यतन कार्य किया जा रहा है। तीन दिनों में 300 से अधिक लोगों के आधार कार्ड तैयार किए गए। जहां नए आधार पंजीकरण निःशुल्क किए गए, जबकि सुधार सेवाओं पर निर्धारित शुल्क लिया गया।
वित्तीय सशक्तिकरण और DBT में अग्रणी बस्तर डाक संभाग
अधीक्षक श्री मिश्रा ने बताया कि बस्तर संभाग में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1 अप्रैल से सितंबर 2025 तक लगभग 111 करोड़ रूपये की राशि लाभार्थियों को वितरित की जा चुकी है।
इसके अलावा वृद्धा पेंशन योजना के तहत पात्रों को घर पहुंच सेवा के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है।डाक विभाग ने प्रीमियम अकाउंट धारकों के लिए भी फ्री घर पहुंच सेवा की सुविधा प्रारंभ की है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है।
डाकघर : विश्वास की परंपरा, नवाचार की दिशा
अधीक्षक ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि भारत के लाख से अधिक डाकघरों का नेटवर्क आज भी ग्रामीण भारत की रीढ़ है। कुछ क्षेत्रों में लगातार बढ़ते कार्य भार के कारण लोग निजी कुरियर सेवाओं की ओर झुक रहे हैं, लेकिन डाक विभाग अब उसी विश्वास को तकनीक और पारदर्शिता के साथ पुनः स्थापित करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। इस सप्ताह कार्यभार काफी अधिक रहा, फिर भी हमारी टीम ने सभी शिविर और सेवाएँ समय पर पूर्ण कीं।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह (National Postal Week) के अवसर पर बस्तर संभाग के डाकघर यह संदेश दे रहे हैं कि डाक केवल चिट्ठियों का माध्यम नहीं, बल्कि जनसंपर्क, वित्तीय सशक्तिकरण और डिजिटल भारत का आधार स्तंभ है।
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