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वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से औषधीय खेती की ओर बढ़ रहे किसान, धान के विकल्प के रूप में औषधीय फसलों को बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने वन विभाग का अभिनव प्रयास

जगदलपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आय बढ़ाने वाले नए विकल्पों से जोड़ने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा “धान की खेती के बदले औषधि पौधों की खेती” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, रायपुर में किया गया।

कार्यशाला के दूसरे दिन अभनपुर ब्लॉक के जनप्रतिनिधियों, धान खरीदी समिति के सदस्यों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर औषधीय खेती की संभावनाओं को समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, औषधीय पौधों के संवर्धन और वैकल्पिक कृषि मॉडल से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।

“किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता” – केदार कश्यप

वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग द्वारा किसानों को ऐसी फसलों के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनकी बाजार में लगातार मांग बनी हुई है और जिनसे कम लागत में बेहतर आय प्राप्त की जा सके। औषधीय पौधों की खेती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर सामने आ रही है।

कार्यशाला में औषधीय पौधों की खेती के सलाहकार श्री डी.के.एस. चौहान (सेवानिवृत्त वनमंडलाधिकारी) ने ब्राह्मी, वच, सतावर, लेमनग्रास एवं खस जैसी औषधीय फसलों की खेती, तकनीकी प्रक्रियाओं एवं बाजार संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औषधि पादप बोर्ड किसानों को नि:शुल्क पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण तथा सफल किसानों के खेतों का अध्ययन भ्रमण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है।

औषधीय खेती से आत्मनिर्भर बनेंगे किसान

कार्यशाला के समापन सत्र में बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए लाभकारी एवं भविष्य की आवश्यकता बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा किसानों की उपज की खरीदी के लिए अनुबंधित संस्थाओं के माध्यम से व्यवस्थित व्यवस्था बनाई गई है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती। उन्होंने इसे किसानों के हित में संचालित एक प्रभावी और दूरदर्शी योजना बताया।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में किसानों को औषधीय खेती के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक किसान इस अभिनव पहल से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

प्रतिभागियों को वितरित किए गए औषधीय पौधे

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को भस्मपत्ती, कपूर कचरी एवं हठजोड़ जैसे औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर श्री खेलूराम साहू, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत अभनपुर, श्रीमती रश्मि वर्मा, जिला अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा रायपुर ग्रामीण, श्री राघवेंद्र साहू, श्री बिहारी लाल साहू, श्री नेतराम साहू, श्री ईश्वर साहू, श्री रवि वर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं महिला समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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दिनेश के.जी. (संपादक)

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