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कल देर रात तेलंगाना के करीमनगर, मूलगु जिले से 5 मोटर बाइक में 7 तेंदूपत्ता खरीददार बीजापुर पहुंचे थे। जिनको प्रदेश सरकार की कोरोना पर गाइडलाइन के मुताबिक देर रात कोरंटाईन किया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आज सुबह करीब 8.30 बजे उक्त सभी तेंदूपत्ता सहायक सड़क किनारे टहलते और होटल में नास्ता करते हुए दिखे। इसी दरमियान बोलेरो वाहन में वनमंडालधिकारी डी के साहू पहुंचे और बहुत नजदीक से कामगारों से चर्चा करने लगे। जिसके बाद सभी कामगार मीडिया कैमरे से दूर भागने लगे और बात करने से मना कर दिया। सभी सहायकों के गले मे कलेक्टर बीजापुर द्वारा जारी पास लटका हुआ था। स्पष्ठ है कि कोरोना के गंभीर परिणामों को जानकर भी अधिकारी मनमानी कर रहे हैं।
कलेक्टर बीजापुर के डी कुंजाम ने बताया कि पहले एक समिति पर 5 लोगों को पास जारी किया गया था। लेकिन अब प्रति समिति ठेकेदार और एक सहायक को ही पास जारी किया जाएगा। सुबह कामगारों के सड़क पर घूमने के सवाल पर कलेक्टर ने इन्कार किया है जबकि हमारे पास कामगारों के लॉज से बाहर घूमते वीडियो फुटेज मौजूद हैं साथ ही उनके साथ बातचीत के वीडियो भी मौजूद हैं। कलेक्टर ने सवाल के जवाब में बताया कि यदि उनके सड़क पर घूमते हुए प्रमाण या वीडियो मिले तो धारा 188 के तहत कार्यवाही भी करेंगे।
बता दें जिले में तेंदूपत्ता खरीदी के लिए 80000 मानक बोरों की दर निर्धारित की गई है। 80000 बोरों की अनुमानित संग्रहण लक्ष्य के आधार पर बीजापुर जिले के लगभग 54000 संग्राहक परिवारों को 32.20 करोड़ रुपये की पारिश्रमिक के रूप में मिलेंगे।