छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने नये ऑडिटोरियम में ली आंगनवाड़ी कार्यकताओं की बैठक, आंगनवाड़ी केन्द्रों का चरणबद्ध योजना बनाकर होगा कायाकल्प, कलेक्टर द्वारा आंगनवाड़ियोें को धुंआ मुक्त करने पर दिया गया बल

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नारायणपुर। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिले की आंगनवाड़ी केन्द्रों को और बेहतर बनाने और केन्द्र के प्रति बच्चों और अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक ली। बैठक आज लोकार्पित नये ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। ऑडिटोरियम देख कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला। कलेक्टर श्री वर्मा ने आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं से केन्द की बेहतरी के लिए सुझाव मांगे। बारी-बारी से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखें। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी जिले गांव के विकास एवं लोगों में जागरूकता के लिए आंगनवाड़ी की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जो वह बच्चों, विशेष रूप से निर्धन और निम्न आय वर्ग की परिवारों की बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कलेक्टर ने कहा कि आंगनवाड़ी छोटो बच्चों की पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी आवश्यकता की पूर्ति करने का एक केन्द्र है। उन्होंने कहा कि आप सभी का दायित्व है कि 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, किशोर युवतियों, गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं की देखरेख करें। आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक (मुख्य सेविका) भी इन कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को कार्य के संबंध में सही मार्गदर्शन प्रदान करें। सभी 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों का समय पर टीकाकरण हो, गर्भवती स्त्रियों के लिए प्रसव पूर्व उचित देखभाल और टीकाकरण, छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनूपूरक पोषण भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि भण्डार पंजी और रिकार्ड सही तरीके से रखें। साफ-सफाई बेहतर हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होेंने कहा कि उनके द्वारा किये गए भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों में काफी कमी देखने को मिली विशेषकर शौचालय की स्थिति काफी चिंता जनक थी।

कलेक्टर वर्मा ने आंगनवाड़ी केन्द्रों को धुंआ रहित रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गैस चूल्हा पर खाना बनाने हेतु गैस सिलेण्डर चाहती है उन्हें स्वीकृत कर दिया जाएगा लेकिन शर्ते यह होगी कि खाना गैस चूल्हा पर ही बनेगा। किसी अन्य ईंधन का उपयोग नहीं होगा । इसके साथ ही उन्होंने रिकार्ड और सामग्री सुरक्षित रखने के लिए जिले की हर आंगनवाड़ी केन्द्रों को दो-दो टीन की पेटी देने की घोषणा की।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक चौबे ने कहा कि ग्राम पंचायत भी आंगनवाड़ी का काम-काज प्रभावित न हो इस दिशा में ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर के मार्ग दर्शन में चरणबद्ध योजना बनाकर आंगनवाड़ी को और बेहतर बनाने के लिए कदम उठाये जा रहे है प्रथम चरण में 50 आंगनवाड़ी केन्द्रों का कार्याकल्प होगा। इनमें बे सभी जरूरी सुविधाएं होगी। जो आवश्यक है। रंग-रोगन के साथ अच्छी चित्रकारी और साज-सज्जा की जाएगी। लेकिन आप लोगों को भी सोच बदलनी होगी। साफ-सफाई विशेषकर शौचालय आदि का ध्यान रखना होगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी और खाद्य अधिकारी ने भी विभागीय योजनाओं के बारे में बताया।

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