‘ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे’ जिले के स्कूलों में मनाया गया, अच्छी तरह हाथ धोकर खाना बनाने व स्वच्छता से होगी बीमारियों की रोकथाम


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नारायणपुर। ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे हर साल 15 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। हर साल ग्लोबल वॉशिंग डे की एक थीम होती है। इस बार की थीम हाथ धोने और खाना बनाने से संबंधित है। जिसमें खाने बनाने में सफाई और पोषण का ध्यान रखना भी शामिल है। सुरक्षित और सही तरीके से खाना बनाने का सीधा संबंध हाथ धोने से है। अगर खाना अच्छी तरह हाथ धोकर बनाया जाए तो बीमारियों की रोकथाम करना और बच्चों को तंदरूस्त बनाना आसान हो जाता है। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में नारायणपुर जिले के स्कूलों आज 15 अक्टूबर को हाथ धुलाई दिवस (ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे) मनाया गया। स्कूली बच्चों को हाथ की सफाई के महत्व को बताया गया। खुले में शौच करना और हाथ साफ नहीं करना डायरिया जैसी बीमारी का कारण बच्चें बनते है, जिससे उनकी मौत तक हो जाती है। बच्चों को बताया गया कि हाथ धोने की आदत हो तो डायरिया और निमोनिया जैसे बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। खाना खाने से पहले, खाना बनाने से पहले और दूसरो को खाना खिलाने से पहले अच्छे से हाथ जरूर धोये।
शिक्षकों ने कहा कि बच्चें ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे पर अपना योगदान देना चाहे हैं तो लोगों के सामने हाथ धोने की अच्छी आदत के जरिए उदाहरण पेश करें। साथ ही दूसरों को भी बताए कि खाना खाने से पहले हाथ धोना बेहद जरूरी है। भारत के ग्रामीण इलाकों में हर साल संक्रामक बीमारियों के कारण काफी मात्रा में बच्चों से लेकर बुर्जुगों की जान चली जाती है। अध्ययन से पता चलता है कि एक तो हाथ न धोने की आदत और सही तरीके से हाथ न धोने के कारण संक्रामक बीमारियां अधिक होती है। महिलाएं भी बच्चों को खाना खिलाने से पहले अच्छे से हाथ धोये। माता भी बच्चों को दूध पिलाने से पहले हाथ धोये, इसके साथ ही बच्चों का मल फेंकने के बाद भी अच्छे से हाथ धोयें, ताकि वो और उनके नन्ने मुन्ने बच्चें सुरक्षित रहें।