छत्तीसगढ़राजनीति

दूरदर्शन-आकाशवाणी पर प्रचार के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी, राष्ट्रीय एवं मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दलों को प्रचार के लिए दूरदर्शन-आकाशवाणी पर मिलेगा निःशुल्क समय, आयोग के निर्देशों का कड़ाई से करना होगा पालन

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रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय और मान्यता प्राप्त प्रादेशिक राजनीतिक दलों को प्रचार के लिए दूरदर्शन और आकाशवाणी पर निःशुल्क प्रसारण समय उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के संशोधित प्रावधानों के अनुसार सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को केन्द्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण माध्यमों (दूरदर्शन एवं आकाशवाणी) पर प्रचार के लिए समान समय उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ में भी आगामी विधानसभा निर्वाचन के दौरान राष्ट्रीय और मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दलों को सार्वजनिक (शासकीय) क्षेत्र के प्रसारणकर्ता प्रसार भारती निगम द्वारा प्रचार के लिए निःशुल्क समय उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में राजनीतिक दलों को प्रचार की यह सुविधा दूरदर्शन और आकाशवाणी के क्षेत्रीय प्रसारण केन्द्रों तथा राजधानी स्थित प्रसारण केन्द्र से दी जाएगी। इसे छत्तीसगढ़ में स्थित दूरदर्शन और आकाशवाणी के अन्य रिले केन्द्र भी प्रसारित करेंगे।

प्रसारण की तिथि एवं समय

सभी राष्ट्रीय दलों और छत्तीसगढ़ में मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दलों को दूरदर्शन और आकाशवाणी के क्षेत्रीय नेटवर्क पर प्रचार के लिए प्रारंभिक तौर पर 45 मिनट की एक समान अवधि उपलब्ध करायी जाएगी। राजनीतिक दलों द्वारा पिछले विधानसभा निर्वाचन में किए गए प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अतिरिक्त समय आबंटित की जाएगी। प्रसारण के लिए एक बार में 15 मिनट से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा। राजनीतिक दलों को दूरदर्शन और आकाशवाणी पर प्रचार के लिए समय पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन भरने के अंतिम दिन से लेकर प्रत्येक चरण के मतदान के दो दिन पहले तक दिया जाएगा। प्रसार भारती निगम भारत निर्वाचन आयोग के परामर्श से प्रचार के लिए वास्तविक तिथि एवं समय का निर्धारण करेगा। प्रसारण की तिथि और समय दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के संचालन की तकनीकी सीमाओं तथा वहां उपलब्ध प्रसारण समय के आधार पर तय होगा।

प्रसारण से पहले जमा कराना होगा ट्रांस्क्रिप्ट

राजनीतिक दलों को दूरदर्शन और आकाशकाणी पर प्रचार के लिए आयोग द्वारा निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा। प्रसारण के लिए रिकॉर्डिंग एवं उसकी ट्रांसक्रिप्ट (अनुलिपि) पहले ही जमा कराना होगा। दल प्रसारण सामग्री (विषयवस्तु) की रिकॉर्डिंग स्वयं के व्यय पर प्रसार भारती निगम या दूरदर्शन/आकाशवाणी द्वारा निर्धारित तकनीकी गुणवत्ता के साथ किसी स्टूडियो में करा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से वे इसकी रिकॉर्डिंग दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से निवेदन कर राजधानी में स्थित उनके स्टूडियो में भी करा सकते हैं।

परिचर्चा एवं वाद-विवाद का आयोजन

प्रसार भारती निगम प्रचार के लिए समय देने के साथ ही दूरदर्शन और आकाशकाणी पर अधिकतम दो परिचर्चाओं एवं/या वाद-विवाद (Panel Discussion and Debate) का आयोजन भी करेगा। सभी पात्र राजनीतिक दल इन कार्यक्रमों के लिए अपना एक प्रतिनिधि नामांकित कर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग प्रसार भारती निगम से परामर्श कर इन परिचर्चाओं एवं वाद-विवाद के लिए समन्वयकों (Coordinators) के नाम निर्धारित करेगा।

प्रसारण के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश

आयोग ने प्रसारण की विषयवस्तु के लिए राजनीतिक दलों को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रचार के दौरान दूसरे देशों की आलोचना, धर्म या समुदाय पर हमला, भद्दा या मानहानिकारक, हिंसा को उकसाने वाले, अदालत की अवमाननाकारक, राष्ट्रपति एवं न्यायपालिका की निष्ठा के प्रति आक्षेप, राष्ट्र की एकता, संप्रभुता एवं अखंडता को प्रभावित करने वाले तथा किसी की व्यक्तिगत आलोचना वाली सामग्री की अनुमति नहीं होगी।

दलों को प्रचार हेतु प्रसारण के लिए आबंटित समय

दूरदर्शन और आकाशवाणी पर सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को प्रचार के लिए न्यूनतम 45-45 मिनट का प्रसारण समय देने के साथ ही पिछले विधानसभा निर्वाचन में उनके प्रदर्शन के आधार पर समय आबंटित किया गया है। राजधानी स्थित केन्द्र और क्षेत्रीय केन्द्रों से प्रसारण के लिए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को कुल 45 मिनट, बहुजन समाज पार्टी को 61 मिनट, भारतीय जनता पार्टी को 194 मिनट, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को
47 मिनट, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को 45 मिनट, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 191 मिनट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 46 मिनट का समय आबंटित किया गया है।

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