बीजापुर मुठभेड़ में शहीद जवानों को रायपुर के माना कैम्प में श्रद्धांजलि अर्पित कर दी गई अंतिम विदाई


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रायपुर। बीजापुर में शहीद हुए जवानों को रायपुर के माना कैम्प लाया गया। जहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान डीजीपी एएन उपाध्यय, स्पेशल डीजी एन्टी नक्सल आपरेशन समेत सीआरपीएफ और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने माना चौथी बटालियन में अंतिम सलामी दी। साथ ही गृह सचिव अमिताभ जैन ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम रवाना कर दिया गया है।
इस मौके पर स्पेशल डीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी ने कहा कि धुर नक्सल इलाके में आने वाले बीजापुर सबसे संवेदनशील इलाका है। जिसके बासागुड़ा उसके के पास यह घटना हुई है, इस घटना को चुनाव से जोड़कर न देखें इस इलाके में लगातार नक्सली हमला होता रहता है। इस हमले से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई औऱ ना ही इंटेलिजेंस फेलियर हुआ। उन्होंने कहा कि नक्सलियों द्वारा आईईडी लगाए गए स्थान को पता करना बड़ा मुश्किल हो जाता है कि किस जगह पर इसे लगाया गया है। जबकि नक्सलियों ने इस घटना को सीआरपीएफ शिविर से 800 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह ब्लास्ट उस वक्त हुआ जब जवान जिला मुख्यालय से रोड ओपनिंग पार्टी कर जवान का इलाज करवा कर वापस लौट रहे थे। इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं हुई है। चुनाव के मद्देनजर नक्सल इलाके में 500 से ज्यादा कंपनियों के 45 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इलाकों में वीआईपी के दौरे होने है, दौरे को लेकर यहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
बता दें कि बीजापुर के आवापल्ली थाने के मुरदंडा में नक्सलियों ने रोड ओपनिंग कर लौट रहे सीआरपीएफ के जवानों पर ब्लास्ट कर दिया था जिसमें 4 जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो जवान गंभीर रुप से घायल हो गए थे। शहीदों में एक एएसआई एक हेड कॉन्स्टेबल और 2 कॉन्स्टेबल शामिल थे। नक्सली हमले में शहीद होने वालों में पश्चिम बंगल के एएसआई मीर माथुर रहमान, ओडिशा के हेड कॉन्स्टेबल बरजा मोहन बेहरा, आंध्र प्रदेश से कॉन्स्टेबल गुलिपल्ली श्रीनू शामिल है। शहीद जवानों को माना में सभी नम आंखों से अंतिम सलामी दी है। जिसके बाद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम रवाना कर दिया गया है।