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Pride Of Bastar : UPSC की Combined Geo-Scientist परीक्षा में बस्तर की बेटी ‘प्रियंका’ ने मारी बाजी, जियोलॉजिस्ट के पद पर हुई चयनित

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बस्तर के सामान्य आदिवासी परिवार की बेटी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर बनीं फर्स्ट क्लास ऑफिसर

दिनेश के.जी., जगदलपुर। बस्तर की बेटी ने एक बार फिर बस्तर का नाम रोशन कर दिखाया है। सोमवार शाम को यूपीएससी द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में प्रियंका कश्यप का जियोलॉजिस्ट के पद पर चयन हुआ है। बेहद सामान्य परिवार से आने वाली प्रियंका कश्यप ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त भू-वैज्ञानिक भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण होकर अपने माता-पिता सहित बस्तर को गौरवान्वित किया है।

अपने माता-पिता के साथ प्रियंका

बिना कोचिंग हासिल की 40वीं रैंक

बस्तर जिले के बिरिंगपाल के सामान्य परिवार की बेटी प्रियंका के पिता घासीराम कश्यप जिले के खनिज विभाग में बतौर क्लर्क पदस्थ हैं एवं माता लक्ष्मी कश्यप हाउस वाइफ हैं। प्रियंका की प्राथमिक शिक्षा भडिसगांव, माध्यमिक शिक्षा और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पंडरीपानी के सरकारी स्कूलों से हुई। इसके बाद स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा भी उन्होंने जगदलपुर शहर के शासकीय पीजी कॉलेज से पूरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद से वह स्व-अध्ययन में जुट गयीं एवं अपने गुरूजनों एवं विभागीय अधिकारियों से लगातार मार्गदर्शन प्राप्त करती रहीं। जिसके बाद वह पहले प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर जियोलॉजिस्ट रूपी सफलता हासिल करने में कामयाब हो गयी।

आदिवासी युवा छात्र संगठन की उपाध्यक्ष प्रियंका ने शिक्षा के क्षेत्र में किये अनुकरणीय कार्य

प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रियंका कश्यप आदिवासी समाज से आने वाली जागरूक युवती रहीं। प्रियंका वर्तमान में आदिवासी युवा छात्र संगठन के जिला उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वाहन कर रहीं हैं। इस जिम्मेदारी के साथ उन्होंने कई बार स्कूल, कॉलेज एवं छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न जानकारियां साझा कर जागरूक करने के साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण करने जैसे अनुकरणीय प्रयास भी किए हैं।

क्या कहती हैं प्रियंका कश्यप…

विपरीत परिस्थितियों से उभर का सफलता हासिल करने वाली प्रियंका कहती हैं कि परीक्षार्थियों को स्वयं पर विश्वास होना अनिवार्य है, बिना आत्मविश्वास के आगे बढ़ना असंभव है। प्रियंका ने कहा कि लक्ष्य हमेशा बढ़ा होना चाहिए, लक्ष्य अगर बढ़ा होगा तो मुकाम भी बढ़ा हासिल होगा।

आदिवासी समाज एवं परिजनों द्वारा बधाईयों का सिलसिला जारी..

बस्तर के आदिवासी समाज से आने वाली प्रियंका के चयनित होने के बाद से ही समाज में हर्ष व्याप्त है। चयन सूची जारी होने के बाद लगातार उन्हें समाज प्रमुखों और आदिवासी युवा छात्र संगठन के द्वारा बधाई संदेश आ रहे हैं। वहीं रिश्तेदारों, मित्रों एवं शुभचिंतकों द्वारा भी बधाईयों का सिलसिला लगातार जारी है।

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