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सीजीटाइम्स। 07 अप्रैल 2019
जगदलपुर। लोकसभा चुनाव में वोटिंग की तारीख जैसे-जैसे पास आती जा रही है, प्रचार की सरगर्मी बढ़ती जा रही है। ऐसे में पूर्व विधायक संतोष बाफना जी भाजपा प्रत्याशी बैदुराम कश्यप जी को जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से लीड मिल, इसके लिए बाफना ने जगदलपुर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र के प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पूर्व विधायक बाफना ने नानगूर मण्डल के ग्राम पंचायत पण्डरीपानी, परपा, बिलोरी, पोड़ागुड़ा, कुरंदी, तुसेल, कोरपाल में आमजन व कार्यकर्ताओं की नुक्कड़ सभा लेकर भाजपा के पक्ष में वोट देने की अपील की।
इस दौरान पूर्व विधायक ने उपस्थित जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि काॅग्रेस के 55 साल और श्री नरेन्द्र मोदी जी के 5 वर्ष की तुलना करते है तो श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार की पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता, गरीबो की संवेदना और तेज गति से काम करने के लिए है। भाजपा ने हमेशा सेवा भाव की राजनीति की है। राजनीति का का मूल मंत्र ही सेवा है। बाफना ने कहा नरेन्द्र मोदी जी भी अपने आप को प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि इस देश का सेवक मानते है।
संतोष बाफना ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व डाॅ. रमन सिंह जी सरकार जनता की सेवा कर रही थी, प्रत्येक गरीब के ईलाज के लिए आयुष्मान योजना के तहत् पांच लाख रूपये की सहायता का प्रावधान किया गया था। नरेन्द्र मोदी जी पूरे देश में एवं डाॅ. रमन सिंह छ.ग. प्रदेश में गरीब, मजदूर व जरूरतमंदो को उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रहे थे परंतु वर्तमान काॅग्रेस की सरकार ने आयुष्मान योजना को छत्तीसगढ़ प्रदेश में लागू ही नहीं होने दिया, यहाॅ तक कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, जो कि हर सामान्य परिवार के लिए थी उस योजना को भी वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया। 15 वर्षों से डाॅ. रमन सिंह जी की सरकार ने राज्य के गरीब भाई-बहनों को 2 किलो नमक मुफ्त और 5 रूपए किलो चना देने की योजना, जो कि प्रदेश में लागू थी उस योजना को प्रदेश में बंद कर दिया गया। वहीं श्री बाफना ने छत्तीसगढ़ की काॅग्रेस सरकार पर भी जमकर कटाक्ष किया, कहा कि छ.ग. काॅग्रेस की सरकार ने आम जनता के लिए बनाई गई ऐसी ही कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का काम किया है।
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान श्रीधर ओझा, जनमोहन शर्मा, रोहित पंत, पार्वती कश्यप, श्याम चौधरी, दिनेश विश्वकर्मा, नरेन्द्र बघेल, हरिपंत, प्रवीण सिंह ठाकुर, रूपेश सेठिया, पिन्टु ठाकुर, सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, डब्बु ठाकुर, सुन्दर ठाकुर, हरिशंकर कश्यप, मोहन मौर्य, सुनील कश्यप, जगबंधु, श्यामसुन्दर, बुधराम कश्यप, नरसिंह कश्यप, बुरन्दू कश्यप, जगरनाथ नाग, गोदावरी, सामनाथ मौर्य, बैदुराम नाग, चमेली, मालती, गोविन्द कश्यप, प्रकाश यादव, लखीराम, अभिजीत सिंह बघेल, जगन्नाथ, सोनाधर, संपत, कांतो, जुगधर व अन्य कार्यकर्ता व ग्रामीण जन उपस्थित थे।