किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण के लिए पटवारी के हस्ताक्षर जरूरी नहीं, बस्तर जिले में अब तक बिना ब्याज के 36 करोड़ का ऋण वितरित, कलेक्टर ने दिए ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश


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सीजीटाइम्स। 06 मई 2019
जगदलपुर। कलेक्टर डाॅ. अय्याज तम्बोली ने जिले में किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को ऋण वितरण में तेेजी लाने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ और अन्य फसलों के लिए किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार ऋण वितरण किया जाए। कलेक्टर ने जिले के कतिपय सहकारी समितियों में किसानों से ऋण के लिए पटवारी के हस्ताक्षरयुक्त भूमि के दस्तावेज मांगे जाने पर कहा कि खरीफ के मुख्य फसलों के लिए दस्तावेजों में पटवारी के हस्ताक्षर आवश्यक नहीं है। केवल उद्यानिकी फसलों के लिए ही पटवारी अथवा सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर जरूरी है। इसलिए खरीफ फसलों के लिए भुईया पोर्टल से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ऋण वितरण किया जाए।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण दिया जाता है। इसके अन्तर्गत किसान खाद और बीज के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण ले सकता है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण का वितरण प्रारंभ हो गया है। अब तक जिले के 281 किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 36 करोड़ रूपए का ऋण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में खरीफ मौसम में प्रतिवर्ष औसतन 37 हजार किसानों को लगभग 125 से 130 करोड़ का ऋण वितरण किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी सहकारी समितियों को ऋण वितरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही समितियों को यह भी कहा कि गया है खरीफ के मुख्य फसल जैसे धान आदि के लिए ऋण देने के लिए किसानों से उनकी भूमि के खसरा नम्बर और धारित भूमि के दस्तावेज में पटवारी के हस्ताक्षर जरूरी नहीं है। भुईंया पोर्टल से निकाले गए दस्तावेजों के आधार पर ही उन्हें ऋण स्वीकृत किया जाए। केवल उद्यानिकी फसल जैसे अदरक, टमाटर आदि फसलों के लिए ऋण लेने पर ही सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र लिया जाए।