छत्तीसगढ़

नेत्रोत्सव में भगवान जगन्नाथ के पूजा विधान के पश्चात होगा दर्शन

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सीजीटाइम्स। 03 जुलाई 2019

जगदलपुर। बस्तर गोंचा पर्व 2019 में आज नेत्रोत्सव पूजा विधान सम्पन्न होंगे, बस्तर के रियासतकालीन परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से पूरी प्रक्रिया के आधार पर चंदन जात्रा पूजा विधान के पश्चात जगन्नाथ स्वामी के अस्वस्थता कालावधि अर्थात “अनसर काल” के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन वर्जित अवधि में श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर में स्थित मुक्तिमण्डप में स्थापित भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के विग्रहों को श्रीमंदिर के गर्भगृह के सामने भक्तों के दर्शनार्थ स्थापित किया जाएगा। जहां भगवान के विग्रहों का श्रृंगार किया जाकर 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के पाणिग्राही राधाकांत पाणिग्राही एवं समाज के पाढ़ी उमाशंकर पाढ़ी एवं पंडित बसंत पांडा, भूपेंद्र जोशी, योगेश मंडन, दुर्वासा पांडे के द्वारा नेत्रोत्सव के पूजा विधान को विधि विधान के साथ संपन्न किया गया।

देवस्नान ज्येष्ठ पूर्णिमा,चंदन जात्रा पूजा विधान 17 जून को सम्पन्नता के पश्चात 18 जून से 02 जुलाई तक भगवान जगन्नाथ स्वामी का अनसर काल की अवधि में भगवान के भक्त-श्रधालुओं को भगवान जगन्नाथ के दर्शन से 15 दिनों तक वंचित थे। आज से भगवान जगन्नाथ श्रीमंदिर के बाहर भक्तो-श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष हेमंत पांडे, गोंचा अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे, संयोजक गजेन्द्र पाणीग्राही, सचिव नरेन्द्र पाणिग्राही, ईश्वर नाथ खम्बारी, बनमाली पाणिग्राही, रजनीश पाणिग्राही, विजय पांडे,चिन्ता मणि पांडे, दिलेश्वर पांडे, उत्तम पाणिग्राही, बलभद्र पाणिग्राही, पुरुषोत्तम जोशी, महेंद्र जोशी, आत्माराम जोशी, विजय पांडे, आशा आचार्य, सुनीता पांडे, कविता पांडे, डाकेश्वरी पांडे, वेणुधर पाणिग्राही, आशु आचार्य, गजेंद्र पाणिग्राही एवं समाज के सदस्य एवं शहर एवं ग्राम के श्रद्धालु उपस्थित थे।

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