छत्तीसगढ़राजनीति

दंतेवाड़ा के बाद चित्रकोट में फर्जी मतदान की फिराक में कांग्रेस – भाजपा

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जगदलपुर। भाजपा सांसद सुनील सोनी व विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा है कि चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस फर्जी मतदान व बूथ कैप्चरिंग के सहारे चुनाव जीतने का कुचक्र रच रही है। नेता द्वय ने आरोप लगाते हुए कहा कि दंतेवाड़ा उपचुनाव में सुदूर अत्यंत संवेदन शील मतदान केंद्रों में भारी फर्जी मतदान कराया गया था। वैसा ही षड्यंत्र चित्रकोट चुनाव में पुनः दोहराने का प्रयास कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है।

आज भाजपा जिला कार्यालय में आहूत पत्र वार्ता में रायपुर के भाजपा सांसद श्री सोनी व भाटापारा के विधायक श्री शर्मा ने कहा कि चित्रकोट उपचुनाव को जीतने के लिए सत्तासीन कांग्रेस योजनाबद्ध रूप से फर्जी मतदान कराने की तैयारी में है। कुछ दिनों पूर्व संपन्न हुए दंतेवाड़ा उपचुनाव में भी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर भारी फर्जी मतदान कराया गया था। दंतेवाड़ा के जिन अत्यंत संवेदनशील मतदान केंद्रों में वोटिंग प्रतिशत शून्य से 10 से 25 प्रतिशत तक होता था, वहां 70 से 95 फ़ीसदी तक मतदान होना पाया गया है। यह संदेहास्पद स्थिति बूथ कैप्चरिंग को दर्शाती है।

सांसद श्री सोनी ने कहा कि चित्रकोट उपचुनाव में भी कांग्रेस सरकार द्वारा ऐसा कुछ किए जाने की आशंका बलवती हो गई है। जिसके लिये भाजपा द्वारा निर्वाचन आयोग को पत्र सौपा गया है,जिसमें चित्रकोट विधानसभा के अति संवेदनशील 23 मतदान केंद्रों की सूची शामिल है।जहाँ निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने व फर्जी मतदान रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे व पर्याप्त सीआरपीएफ जवानों की व्यवस्था करने कहा गया है।

विधायक श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने 10 महीने पूर्ण हो गए हैं। इन दस माह में कांग्रेस ने प्रदेश को बदहाली की कगार पर खड़ा कर दिया है। विकास कार्य ठप हो गए है और छत्तीसगढ़ कर्जदार हो गया है। कांग्रेस के क्रियाकलापों से प्रदेश की जनता अब भली-भांति परिचित हो गई है।

नेताद्वय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। ऐसे प्रदेश में वन अधिकार पत्र धारकों के धान खरीदी हेतु पंजीयन नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते किसान अपनी मेहनत से उगाया धान नहीं बेच पायेंगे। पिछले वर्ष सभी वन अधिकार पत्र धारकों का धान खरीदा गया था। वहीं इस वर्ष पंजीयन के लिए खसरा नंबर अनिवार्य किया गया है मगर रेवेन्यू के पटवारी वन पट्टा का खसरा नंबर नहीं दे सकते हैं।

उन्होने कहा कि वन पट्टा धारकों को सोसाइटी में बुलाया जा रहा है,जहां लंबी कतारें लग रही है परंतु एक गांव के सभी वन पट्टा में एक ही खसरा नंबर होता है और वर्तमान सॉफ्टवेयर 1 खसरा नंबर एक बार ही लेता है। इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते किसान बिना पंजीयन के रह जाएंगे और अपना ध्यान नहीं भेज पाएंगे।

आज पत्रवार्ता में पूर्व विधायक जगदलपुर संतोष बाफना, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा व रजनीश पाणिग्रही भी मौजूद थे।

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