छत्तीसगढ़शिक्षास्वास्थ्य

तीन महीनों का शिक्षण शुल्क माफ करे राज्य सरकार – बाफना

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जगदलपुर। कोरोना संकटकाल की इस विकट स्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी स्कूलों का लाॅकडाउन की बंद अवधि समेत अगामी 3 महीनें का शिक्षण शुल्क राज्य सरकार की ओर से माफ कर अभिभावकों को राहत देने की मांग जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम से की है। विदित हो कि, पूर्व विधायक लगातार जनता से जुड़ी हुई समस्याओं को पत्र के माध्यम से वर्तमान सरकार को अवगत करा रहे हैं।

श्री बाफना के द्वारा इस बार अपने प्रेषित पत्र में स्कूली छात्रों के अभिभावकों की वर्तमान वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए लिखा है कि, कोरोना महामारी के प्रभाव से प्रदेश की आम जनता काफी परेशान है क्योंकि इस महामारी से अभिभावकों का रोजगार प्रभावित हुआ है। जिससे अभिभावकों को इस बात की चिंता सताने लग गई है कि, लाॅकडाउन की बंद अवधि एवं आने वाले महीनों का बच्चों का शिक्षण शुल्क कैसे चुकाएंगे।

प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत अभिभावकों के समक्ष सबसे बड़ी विडंबना यह है कि, जो गैर सरकारी, निजी संस्थान, छोटे दुकानदार, हाॅटल संचालक, मजदूर, अन्य रोजमर्रा एवं किसानी के काम में लगे हुए हैं उनके आय के साधन इस कोरोना महामारी की वजह से तबाह हो गए हैं, वे सारे अभिभावक ऐसी बिगड़ी आर्थिक स्थिति के चलते शिक्षण शुल्क भरने की स्थिति में नहीं हैं। जिस वजह से वो अपने बच्चों का शिक्षण शुल्क वहन नहीं कर सकेंगे।

इसके अलावा जिन स्कूली संस्थाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए बच्चों को ऑनलाईन पढ़ाई की सुविधा मुहैया करवाई है, उस सुविधा पर भी अभिभावकों के मन में संशय है कि, कहीं ऑनलाईन पढ़ाई के नाम पर स्कूली संस्थाओं द्वारा शिक्षण शुल्क की वसूली तो नहीं की जायेगी। साथ ही स्कूली संस्थाओं द्वारा इस महामारी में अपने स्कूलों की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए शिक्षण शुल्क इत्यादि में भी वृद्धि तो नहीं की जायेगी।

बता दें कि, पत्र के अंत पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री से गुजारिश है कि, मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए राज्य सरकार गंभीरतापूर्वक कोरोना महामारी के परिणामों को ध्यान में रखकर प्रदेश के समस्त निजी स्कूल एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों का लाॅकडाउन की बंद अवधि समेत आगामी 3 महीनें का शिक्षण शुल्क माफ करें। ताकि अभिभावकों को राज्य सरकार की ओर से थोड़ी राहत मिल सके। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा जाना चाहिए कि, आने वाले एक वर्ष तक कोई भी स्कूली संस्था शिक्षण शुल्क में वृद्धि न कर सके। क्योंकि इस महामारी से निदान आने वाले तीन-चार माह से पहले खत्म होता नहीं दिख रहा है।

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