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जगदलपुर। विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को 50 लाख रूपये के महामारी जोखिम बीमा पाॅलिसी में शामिल करने की मांग की है और इसी तारतम्य में श्री बाफना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ सरकार ध्यानाकर्षित भी कराया है।
बता दें कि, पूर्व विधायक के द्वारा अपने पत्र में कहा गया है कि, राज्य सरकार और ग्राम पंचायत की सरकार के बीच सीधे-सीधै तौर पर एक मुख्य कड़ी है और पूरी कर्मठता से सरकार की हर महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार-प्रसार चाहे वह मनरेगा, आवास योजना, पेंशन योजना और भी अन्य जनहित की योजनाओं के साथ ही साथ ग्राम पंचायत के अभिलेखों के रखरखाव, पंचायत के नियामक कार्य के निष्पादन में सहायता, शासकीय योजनाओं का ब्यौरा सहित शासन द्वारा समय-समय पर पर सौंपे गए अन्य कार्य को ग्राम पंचायत स्तर पर सफलतापूर्वक सम्पन्न करवाते है और वो हैं ‘‘ग्राम पंचायत के सचिव’’।
आज जबकि पूरा विश्व ही इस कोरोना वायरस के कारण संकट के मुहाने पर खड़ा है और प्रदेश में सभी अधिकारी-कर्मचारी वर्ग के साथ मिलकर ग्राम पंचायत के सचिव भी इस भंयकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अपनी जान जोखिम में डालकर इस महामारी को खत्म करने के प्रयास में तत्परता से जुटे हुए हैं, और ग्रामीणों को स्वस्थ रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करवाने से लेकर विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ प्रदेश पहुॅचने वाले प्रवासी मजदूरों की देखरेख के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाकर उन्हें क्वारंटीन करने का जिम्मा ग्राम पंचायत सचिवों को भी दिया गया है। परंतु अब तक राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को महामारी जोखिम बीमा कवर में शामिल तक नहीं किया गया है। प्रदेश के समस्त मेडिकल, पैरा-मेडिकल, सफाई कर्मी, आशा कर्मी समेत पुलिस कर्मियों की तरह ही ग्राम पंचायत के सचिव भी दिन-रात अपनी जान दांव पर लगाकर काम कर रहे हैं।
पत्र के अंत में पूर्व विधायक बाफना ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि, राज्य सरकार भी एक कदम आगे बढ़ाकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों की हौसला अफज़ाई करते हुए उन्हें भी 50 लाख रूपये का महामारी जोखिम बीमा पाॅलिसी का तोहफा प्रदान करें। ताकि किसी भी ग्राम पंचायत सचिव के साथ इस कोरोना संकटकाल में कोई घटना घटित होती है तो उनके परिवार को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मिल सके। यदि आपके नेतृत्व में यह घोषणा की जाती है तो निश्चित रूप से वह छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों के लिए बूस्टर डोज़ से कम नहीं होगा।