जगदलपुर। चित्रकोट महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को बस्तर जिले के दरभा बस्तर और बास्तानार विकाखण्ड के साथ ही सुकमा जिले के मिसमा, कोंडागांव जिले के किवई बालेंगा और बीजापुर जिले के अम्बेली के लोक नर्तकों ने समां बांधा। चित्रकोट का जलप्रपात इस दौरान आदिवासी लोकनर्तकों के मांदर और ढोल की थाप से गुंज उठा।

इंद्रावती नदी के तट पर चित्रकोट जलप्रपात के समीप सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के ग्राम मिसमा के लोक नर्तकों ने कोया नाच, कोंडागांव जिले के किवई बालेंगा के लोक नर्तकों ने माटी मांदरी लोक नृत्य, बीजापुर जिले के अम्बेली के लोक नर्तकों ने चढंगा लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड के लोकनर्तकों ने धुरवा मंडई नाच, बस्तर विकासखण्ड के लोकनर्तकों ने गेड़ी नृत्य तथा बास्तानार विकासखण्ड के बड़े किलेपाल के लोकनर्तकों ने गौर नृत्य का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सांसद दीपक बैज, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कलेक्टर रजत बंसल, एसपी दीपक झा सहित जनप्रतिनिधि, पर्यटक और आसपास के ग्रामीणों ने ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

इसके साथ ही यहां नुपूर संजना दान और विधि मंडावी ने एकल नृत्य व भरत गंगादित्य द्वारा लाला जगदलपुरी के स्थानीय बोली के गीत-संगीत, शुभम मित्तल के द्वारा शास्त्रीय व सूफी बाॅलीवुड गीतों की प्रस्तुति दी गई, दिलीप षडंगी द्वारा छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति के साथ ही कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।

दिनेश के.जी. (संपादक)

सिर्फ खबरें लगाना हमारा मक़सद नहीं, कोशिश रहती है कि पाठकों के सरोकार की खबरें न छूटें..

Spread the love

By दिनेश के.जी. (संपादक)

सिर्फ खबरें लगाना हमारा मक़सद नहीं, कोशिश रहती है कि पाठकों के सरोकार की खबरें न छूटें..

You missed

error: Content is protected !!