
छात्रावास में अतिरिक्त फीस वसूली व मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर हुआ प्रदर्शन
जगदलपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर द्वारा बकावंड के छात्रावास में हो रही मनमानी और अव्यवस्था से परेशान होकर छात्रावास के छात्रगण ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और बकावंड के अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई।
अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं बकावंड नगर मंत्री श्री गजेंद बिसाई ने बताया कि बकावंड पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एक वर्ष से जारी भारी अव्यवस्था को लेकर छात्रों में आक्रोश चरम पर है। अधीक्षक की गैरहाजिरी, खराब भोजन, गंदे शौचालय और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में छात्र नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। छात्रावास अधीक्षक रतन भारती केवल दिन में एक बार सब्जी छोड़ने आते हैं और शेष समय अपने घर पर ही रहते हैं। विद्यार्थियों को समस्या होने पर बुलाने पर भी वे नहीं आते, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और शौचालयों की हालत बदतर हो चुकी है। एक वर्ष से न तो सफाई हुई है और न ही पानी की व्यवस्था की गई है। स्नान एवं पीने के लिए भी छात्र बाहर से पानी लाने को मजबूर हैं।
अभाविप बस्तर विभाग संयोजक शैलेष ध्रुव ने कहा कि छात्रावास में गड़बड़ियों का विरोध करने पर छात्रों को निष्कासित कर दिया जाता है। पिछले एक वर्ष में तीन छात्रों को इस प्रकार बाहर किया गया है, जो छात्रों की आवाज दबाने का सीधा प्रयास है। छात्रावास में न तो स्टडी टेबल की सुविधा है और न ही बिस्तरों पर बेडशीट उपलब्ध है। कई कमरों के पंखे और लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, लेकिन मरम्मत की कोई पहल नहीं हुई है। अधीक्षक रतन भारती द्वारा छात्रों से प्रति माह 300 रुपये “मैस फीस” के नाम पर वसूली की जा रही है और हाल ही में तीन महीने की फीस एक साथ मांग ली गई है। अधिकतर छात्र गरीब, मजदूर और किसान परिवार से आते हैं, ऐसे में एक साथ फीस जमा करने का दबाव मानसिक तनाव उत्पन्न कर रहा है।
शैलेष ध्रुव ने चेतावनी दी कि अभी तो यह आंदोलन की अंगड़ाई है, छात्रहित की यह लड़ाई जारी रहेगी। यदि दो दिन के भीतर छात्रावास की अव्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो अभाविप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान नोएल सिंह, करण, शैलेष, धनंजय, प्रवीण, ऋषभ, गौतम, दिनेश, हितेश, जीत सहित अभाविप के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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