बस्तर में शिक्षा की अलख जगाने वाले ‘अग्रदूत’ शिवमणि तिवारी सम्मानित, 36 वर्षों की साधना को मंच ने किया सलाम

मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने किया शिक्षा के अग्रदूत शिवमणि तिवारी का सम्मान
सुकमा। “अंधियारे को चीरकर जिसने शिक्षा का दीप जलाया है, शिक्षा के उस अग्रदूत को आज मंच ने शीश झुकाया है।” इन पंक्तियों के साथ बस्तर की माटी और वहां के भविष्य को संवारने वाले महान शिक्षाविद् व समाजसेवी श्री शिवमणि तिवारी का एक भव्य समारोह में भावभीना अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप और विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद श्री महेश कश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे।
- दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ गरिमामयी सम्मान
इस गरिमामयी समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप के हाथों श्री शिवमणि तिवारी जी का सम्मान किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सुकमा जिले सहित पूरे बस्तर संभाग के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और भारी संख्या में प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। मंच से सभी प्रशासनिक अधिकारियों और अतिथियों ने बस्तर के बच्चों का भविष्य बदलने वाले इस ‘भगीरथ’ के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
- चुनौतियों को मात देकर 36 वर्षों तक निभाई सेवा
तीन दशक पहले जब तिवारी सर ने बस्तर की धरती पर कदम रखा था, तब राहें आसान नहीं थीं। वह नक्सलवाद का साया और घोर अंधियारे का दौर था। तमाम कोशिशों के बाद भी बच्चे स्कूल की चौखट तक नहीं आते थे। लेकिन, तिवारी सर के चट्टानी इरादों के आगे चुनौतियां टिक नहीं सकीं। उन्होंने माता रुक्मणि सेवा संस्थान के माध्यम से सेवा का जो व्रत लिया, उसे अपने जीवन के 36 वर्षों तक अटूट निष्ठा के साथ निभाया।
- प्रशासनिक सेवाओं से लेकर खेल के मैदान तक लहराया परचम
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि तिवारी सर ने बच्चों को सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं दिया, बल्कि बस्तर के आदिवासियों को सपने देखना और जीना सिखाया। उनके अथक प्रयासों का ही नतीजा है कि:
प्रशासनिक सेवा में बस्तर के लाल: उनके द्वारा तराशे गए हजारों आदिवासी बच्चे आज शासन-प्रशासन के उच्च पदों पर आसीन होकर देश की सेवा कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मेडल: उन्होंने बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खेल के मैदान में भी उतारा। आज बस्तर के ये होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अंचल का नाम रोशन कर रहे हैं।
”तिवारी सर ने बस्तर की वादियों में शिक्षा की जो अलख जगाई है, उसकी रोशनी पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनके इस अद्वितीय अवदान के लिए देश और बस्तर सदैव ऋणी रहेगा।”
- दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना
कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री, सांसद, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित पूरे बस्तर परिवार ने त्याग व समर्पण की प्रतिमूर्ति श्री शिवमणि तिवारी सर को कोटि-कोटि नमन किया। मंच ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, असीम प्रसन्नता और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की।
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