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मंत्री केदार कश्यप की पहल से अबूझमाड़ की महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई ताकत

आत्मनिर्भर अबूझमाड़ की ओर बड़ा कदम : 13 महिला समूहों को मिली ₹27 लाख की आर्थिक शक्ति

केदार कश्यप ने कहा – महिलाओं की समृद्धि से ही गांव और प्रदेश का विकास संभव

नारायणपुर। वनमंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से अबूझमाड़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। ग्राम इरकभट्टी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 13 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल ₹27 लाख की चक्रिय निधि वितरित कर महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की नई ताकत प्रदान की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रसारण के उपरांत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़े बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

श्री कश्यप ने कहा कि एक समय चुनौतियों के लिए पहचाना जाने वाला अबूझमाड़ आज विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों के बीच महिला स्व-सहायता समूह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहायता नहीं, बल्कि आर्थिक नेतृत्व प्रदान करने का कार्य कर रही है। स्व-सहायता समूहों को दी गई चक्रिय निधि उन्हें छोटे-छोटे उद्यम स्थापित करने और आय के स्थायी स्रोत विकसित करने में मदद करेगी। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस राशि के माध्यम से महिला समूह दोना-पत्तल निर्माण, सिलाई कार्य, फूलझाड़ू निर्माण एवं प्रसंस्करण, किराना दुकान संचालन, कैंटीन, बेकरी, मसाला निर्माण तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण जैसे विभिन्न स्वरोजगार आधारित कार्यों का संचालन करेंगी। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ के विकास का आधार यहां के प्राकृतिक संसाधन और स्थानीय लोगों की सहभागिता है। वन आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देकर महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए अपने क्षेत्र से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।

कार्यक्रम के दौरान 12 हितग्राहियों को शहद संग्रहण किट भी वितरित की गई। श्री कश्यप ने कहा कि शहद संग्रहण, लघु वनोपज प्रसंस्करण और अन्य वन आधारित गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण, संसाधन और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध अबूझमाड़ का निर्माण तभी संभव है जब यहां की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनें। महिला समूहों को दी जा रही आर्थिक सहायता केवल वित्तीय सहयोग नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य में निवेश है।

कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती संध्या पवार, जनप्रतिनिधिगण, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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दिनेश के.जी. (संपादक)

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