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खाद संकट की चिंता खत्म : खरीफ सीज़न के लिए बस्तर संभाग में पर्याप्त उर्वरक भंडारित, ऋण वितरण भी तेज

किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता – अध्यक्ष दिनेश कश्यप

वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों के उपयोग की अपील, संतुलित उर्वरक उपयोग से घटेगी खेती की लागत – उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा

बस्तर संभाग में 46 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध, 34 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा कृषि ऋण

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण संबंधी नवीन दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग के जिलों में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप एवं उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण की समुचित व्यवस्था की गई है।

राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार खरीफ 2025 में किसानों को वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत तथा डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा के आधार पर खरीफ 2026 में उर्वरक वितरण किया जाएगा। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा आवश्यकता अनुसार पारंपरिक यूरिया अथवा नैनो यूरिया के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि डीएपी की शेष मात्रा के लिए नैनो डीएपी एवं अन्य वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग किया जाएगा। शासन का उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना, खेती की लागत कम करना तथा मृदा की उर्वरा शक्ति का संरक्षण करना है।

बस्तर संभाग में 01 अप्रैल 2026 से 06 जून 2026 की स्थिति में उर्वरकों का व्यापक भण्डारण किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संभाग के दंतेवाड़ा जिला जैविक घोषित होने से रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता तथा शेष छह जिलों — बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, सुकमा एवं बीजापुर — में कुल 55,366.98 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है। इनमें से 8,941.57 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है तथा वर्तमान में 46,425.41 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है, जो आगामी खरीफ सीजन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर मिल रहा कृषि ऋण

संभाग स्तर पर खरीफ 2026 के दौरान किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 34,839 किसानों को लगभग 1300 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से अब तक 230 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक राशि का ऋण किसानों को वितरित किया जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे किसानों को समय पर कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध हो रही है और खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिली है।

दिनेश कश्यप
अध्यक्ष
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, जगदलपुर

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप ने कहा कि शासन के नवीन निर्देशों के अनुरूप किसानों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। समितियों में लगातार भण्डारण एवं वितरण की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।

श्रीनिवास मिश्रा
उपाध्यक्ष
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, जगदलपुर

उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने बताया कि किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। इससे संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा खेती की लागत में कमी आएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित मात्रा एवं वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करें।

श्री कश्यप एवं श्री मिश्रा ने कहा कि बस्तर संभाग में वर्तमान उपलब्धता एवं सतत आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए किसानों को खरीफ सीजन में उर्वरक की कमी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सहकारी समितियों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

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दिनेश के.जी. (संपादक)

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