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मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में एक्सपर्ट बस्तर पुलिस की टीम ने चार दिनों में सुलझायी एक और मिस्ट्री, मृतक के दोस्तों ने ही गाड़ी की चाबी और कैंची से ली थी जान

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तीन दिन पहले लामनी और सरगीपाल के बीच स्थित पुलिया के नीचे मिली थी युवक की लाश

जगदलपुर। बीते दिनों सरगीपाल क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बस्तर पुलिस की टीम ने सुलझा लिया है। चार दिन पहले 05 अक्टुबर को लामनी और सरगीपाल के बीच पुलिया के नीचे संदिग्ध अवस्था में पुलिस को एक युवक की लाश मिली थी। शव की पहचान सतवंत सिंह उर्फ मोनु बरार के रूप में हुई थी, जो कि शहर के शांतिनगर का निवासी था। जिसके बाद से ही पुलिस को लगातार आरोपी की तलाश थी। चार दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार मृतक के दोस्त ही हत्या के आरोप में पकड़ाए। बहरहाल पुलिस ने हत्या में संलिप्त दो आरोपी और एक किशोर बालक को गिरफ्तार कर लिया है।

परपा थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा ने बताया कि जांच के दौरान घटनास्थल पर मिले सबूत और तकनीकी साक्ष्य को लेकर आरोपी की तलाश पुलिस कर रही थी। इस बीच साक्ष्यों के आधार पर मृतक सतवंत उर्फ मोनु के दोस्त नरविंदर सिंह बाजवा, शेरसिंह सुमेर और एक किशोर बालक द्वारा अपराध में संलिप्त होना पाए जाने पर तीनों को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की गयी। आखिरकार तीनों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक ने आरोपी नरविंदर बाजवा से 5000 रू. की राशि उधार ली थी। इसी बीच नरविंदर बाजवा ने दोस्तों के साथ शराब पार्टी करने का प्लान बनाया और सभी लामनी की ओर निकल पड़े। काफी दिनों तक राशि वापस नहीं मिलने से नाराज नरविंदर के दोस्तों और मृतक सतवंत सिंह के बीच बहस होने लगी, बात इतनी आगे बढ़ी कि तीनों ने मिलकर सतवंत को मारने की मंशा से गाड़ी की चाबी और कैंची से सिर पर वार करने लगे, साथ ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वहीं पुलिस से बचने के लिये तीनों ने लाश को लाकर लामनी और सरगीपाल के बीच स्थित पुलिया के नीचे फेंक दिया।

बस्तर पुलिस की टीम भी कहां पीछे रहने वाली थी। परपा टीआई धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में निरीक्षक लालजी सिन्हा व टीम ने मामले में बारिकी से जांच शुरू कर दी। फिर क्या था, एक के बाद एक कडियां खुलती गयी और मामला पानी की तरह साफ हो गया और अंततः धनंजय सिन्हा की टीम को सफलता के रूप में तीन आरोपी हाथ लगे, जिसमें से एक किशोर बालक भी था। बहरहाल दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और किशोर बालक को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है। बताते चलें कि इस कार्रवाई में धनंजय सिन्हा के साथ ही निरीक्षक लालजी सिन्हा, उप निरीक्षक- विष्णु यादव, दिलीप मेश्राम, प्रमोद ठाकुर, पीयुष बघेल, सहयक उप निरी.- सुदर्शन दुबे, प्र.आर.- चंदन गोयल, जोगी राम बुडेक, लवण पानीग्राही, उमेश चंदेल, चोवादास गेदलें, मौसम गुप्ता, पवन श्रीवास्तव, सुधीर मिश्रा, आरक्षक – गोबरू कश्यप, नीरज सिह, मंगल कश्यप, भुपेन्द्र नेताम, धर्मेन्द्र ठाकुुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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