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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2013 के नतीजों की मानें तो बस्तर संभाग में माहरा समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिससे कि संभाग के कई सीटों के नतीजे समाज द्वारा प्रभावित किए गये थे। इसी बीच आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व माहरा समाज के द्वारा बड़ा बयान जारी किया गया है। जहां माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष ‘महेश स्वर्ण’ द्वारा अपने बयान में कहा गया कि माहरा समाज किसी भी व्यक्ति को किसी भी पार्टी के लिए अधिकृत नहीं करती है।
उन्होंने कहा कि जो लोग समाज का नाम लेकर राजनीतिक पार्टीयों से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, वो माहरा समाज के पदाधिकारी व समाज के जिम्मेदार लोग नहीं हैं। केवल समाज को गुमराह कर राजनैतिक पार्टियों से अपनी रोटी सेकने व धन कमाने की मंशा मात्र रखते हैं। ऐसे तथाकथित लोग माहरा समाज से अलग होकर गुट बनाकर समाज के विपरीत गतिविधियां संचालित कर समाज व शासन प्रशासन को भी गुमराह कर रहे हैं। समाज आने वाले समय मे ऐसे दलालनुमा व्यक्ति को चिन्हित कर सामाजिक रुप से कठोर कार्यवाही करेगी।
‘महेश स्वर्ण’ ने बताया कि स्व. डी.आर. नक्का साहब माहरा समाज बस्तर संभाग के संस्थापक हैं। स्व. नक्का साहब व उनके साथियों के द्वारा माहरा समाज की स्थापना की गयी है और उनके जीवनकाल में समाज के द्वारा सर्व-सहमति से माहरा समाज बस्तर संभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साहब व अन्य वरिष्टों के द्वारा भी इन्हें गुट समाप्त कर समाज के मुख्य धारा से जुड़कर कार्य करने की हिदायत दी जा चुकी है। किंतु लोभ व लालचवश कुछ लोग समाज व राजनैतिक पार्टीयों को गुमराह करते आ रहे हैं, इसलिए समाज इनका विरोध करते हुए और चेतावनी देता है कि समाज के अन्दर राजनीतिकरण न किया जाये व समाज किसी भी व्यक्ति को टिकट की दावेदारी के लिए दावेदारी नहीं घोषित करती है। जो लोग समाज का नाम लेकर राजनैतिक पार्टीयों से टिकट की मांग कर रहे हैं, यह उनका व्यक्तिगत मसला है।
महेश ने कहा कि माहरा समाज द्वारा किसी भी पार्टी या संगठन से टिकट की कोई मांग नहीं है। माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष द्वारा ऐसी विरोधाभासी बयानों के बाद आगामी विधानसभा चुनाव व बस्तर की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। इस तरह के नये समीकरणों की संभावनाओं से आगामी चुनाव भी काफी रोमांचक हो सकता है।