
जगदलपुर। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता संतोष बाफना के विधायकी कार्यकाल के दौरान वर्ष 2017-18 के बजट में छत्तीसगढ़ एवं सीमावर्ती राज्य उड़ीसा में स्थित शबरी नदी के तट पर सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर के समीप उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 678.77 लाख रूपये की लागत से शासन से स्वीकृति मिली थी एवं निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने पश्चात् विधिवत् इसका भूमिपूजन भी किया गया था, लेकिन विभाग ने तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए निर्माण कार्य कुछ समय पश्चात् ही बंद कर दिया। वर्ष 2018 के बाद तत्कालीन कॉग्रेस सरकार की उदासीनता के चलते पुल निर्माण में आई तकनीकी खामियों को कभी दूर नहीं गया और जनहित के लिए बेहद ही जरूरी निर्माण कार्य को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया। जिसे लेकर पूर्व विधायक संतोष बाफना ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग मंत्री अरूण साव को पत्राचार कर गुप्तेश्वर मंदिर तक पहुॅचने के लिए पूर्व स्वीकृत निर्माण कार्य में आवश्यक तकनीकि सुधार कर वर्तमान परिस्थिति अनुसार नए प्राक्कलन स्वीकृति सहित निर्माण कार्य को स्थानांतरित कर ग्राम तिरिया में स्थाई उच्च स्तरीय पुल का निर्माण करने की मांग की है।
गौरतलब है कि, भगवान शिव के दर्शन करने के लिए उड़ीसा राज्य के सीमावर्ती हिस्से में स्थित सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर लोगों की आस्था का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। इस मंदिर के दर्शन हेतु जगदलपुर सहित समूचे राज्य से श्रद्धालुओं का आगमन होता है परंतु अभी वर्तमान में लोगों को यहॉ तक पहुॅचने के लिए जगदलपुर से उड़ीसा के जैपुर होते हुए लगभग 140 कि.मी. की लम्बी यात्रा करनी पड़ती है अथवा जगदलपुर से धनपुंजी-माचकोट होते हुए शबरी नदी के तट तक पहुॅचकर श्रद्धालु वर्ष में एक बार शिवरात्रि के दौरान वन विभाग द्वारा उफनती नदी पर अस्थाई रूप से निर्मित बांस व बल्लियों से बनी चटाई के पुल का उपयोग करके नदी पार करते हैं जो कि उनके लिए अत्यन्त ही जोखिम भरा होता है।
बाफना ने पत्र में कहा है कि, ग्राम तिरिया में पुल का निर्माण हो जाने से गुप्तेश्वर मंदिर की दूरी तिरिया से बमुश्किल 10 से 12 कि.मी. की होगी और जगदलपुर से तिरिया होते हुए गुप्तेश्वर तक की यह धार्मिक यात्रा लगभग 60 कि.मी. में लोग पूरी कर पायेंगे। तथा हजारों-लाखों श्रद्धालुओं को प्रतिवर्ष आवागमन के जोखिम भरे यातायात से आजादी भी मिल पाएगी। वर्तमान में उड़ीसा शासन के द्वारा ग्राम तिरिया से लगे हुए नदी के उसपार अपने सीमावर्ती ईलाके तक एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी ग्राम तिरिया तक पहुॅचने के लिए डामरीकृत सड़क का निर्माण किया चुका है इसलिए सड़क निर्माण में छत्तीसगढ़ शासन को किसी भी प्रकार के व्यय की आवश्यकता नहीं होगी। और दोनों राज्यों के बीच पुल का निर्माण हो जाने से लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पडे़गी। इससे समय व पैसे दोनों की बचत होने के साथ ही दोनों राज्यों के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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