छत्तीसगढ़जगदलपुरबस्तर संभाग

बस्तर में नहीं चलेगी बाहरी घुसपैठ : बस्तर की अस्मिता पर हमला बर्दाश्त नहीं, सांसद महेश कश्यप ने टीएमसी को दी नसीहत – ‘पहले बंगाल संभालो’

बस्तर की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा – सांसद महेश कश्यप का बड़ा बयान, टीएमसी पर भी किया तीखा हमला

बस्तर पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र है, यहाँ फर्जी दस्तावेजों की कोई जगह नहीं – महेश कश्यप”

संदिग्धों की जाँच देशहित में – सांसद कश्यप बोले, बस्तर की सुरक्षा सर्वोपरि

जगदलपुर। बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने कोंडागांव जिले में 9 संदिग्धों की गिरफ्तारी को लेकर हो रहे राजनीतिक बयानबाज़ी पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि बस्तर की सुरक्षा, अस्मिता और संविधान से जुड़ा विषय है, जिसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

सांसद कश्यप ने दो टूक कहा कि “बस्तर पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र है, जहां आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और भूमि की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित है।” ऐसे में बाहरी तत्वों की घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए यहाँ सक्रिय होना न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक संरचना के लिए भी खतरा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर क्षेत्र में बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध घुसपैठियों की गतिविधियाँ बीते कुछ वर्षों में बढ़ी हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हैं और कई बार अपराधों में भी शामिल पाए गए हैं।

टीएमसी को घेरा – पहले बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ रोको

टीएमसी सांसद के आरोपों पर जवाब देते हुए महेश कश्यप ने कहा, “जाँच करना सुरक्षा का हिस्सा है, कोई अपराध नहीं। जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे पहले पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ पर लगाम लगाएं।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई फर्जी आधार और वोटर आईडी पश्चिम बंगाल से जारी पाए गए हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है।

सांसद कश्यप ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल से आए कुछ युवकों ने कोंडागांव में एक आदिवासी युवती के घर में घुसकर छेड़छाड़ की कोशिश की थी, जो सीधे तौर पर बस्तर की अस्मिता पर हमला है।

बस्तर की अस्मिता और सुरक्षा सर्वोपरि

सांसद महेश कश्यप ने दोहराया कि बस्तर की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और कानून के दायरे में संदिग्धों की जाँच करना न सिर्फ ज़रूरी, बल्कि अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए बस्तर की शांति को दांव पर नहीं लगाने दिया जाएगा।

📢 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें!

ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़ और विश्वसनीय अपडेट्स सीधे WhatsApp पर पाएं। अभी फॉलो करें 👉

📲 WhatsApp चैनल फॉलो करें

दिनेश के.जी. (संपादक)

सिर्फ खबरें लगाना हमारा मक़सद नहीं, कोशिश रहती है कि पाठकों के सरोकार की खबरें न छूटें..
Back to top button
error: Content is protected !!