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वन्य अपराध पर शिकंजा : कांगेर घाटी में हिरण शिकार मामले में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, शिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई – वनमंत्री केदार कश्यप

हिरण के शिकार पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, कांगेर घाटी में शिकारी गिरफ्तार

जगदलपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के तीरथगढ़ बिट के कक्ष क्रमांक 165 में 17 जुलाई को एक मूक हिरण का तीर से घायल शव मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया। यह दिल दहला देने वाली घटना नेशनल हाईवे-30 के पेदावाड़ा बैरियर के समीप घटी, जिसे गश्ती दल ने देखा और तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।

वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इस घटना को गंभीर अपराध मानते हुए पी.ओ.आर. क्रमांक 15378/03 दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में घटनास्थल पर पंचनामा किया गया और अज्ञात शिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल गठित किया गया, जिसने तीरथगढ़, दरभा, कोटमसर एवं आसपास के गांवों में सघन जांच और सूचना संकलन शुरू किया। मुखबिरों की सूचना पर पटेलपारा (तीरथगढ़) से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने हिरण के अवैध शिकार की बात कबूल की। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इस अपराध में अन्य व्यक्ति भी शामिल थे, जिनकी तलाश जारी है।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मुख्य वन संरक्षक स्टॉयलो मण्डावी (भा.व.से) के मार्गदर्शन में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक संदीप बालगा, सहायक वन संरक्षक कमल नारायण तिवारी तथा विशेष जांच दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 20 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कांगेर घाटी में हिरण के अवैध शिकार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यवाही में प्रमुख भूमिका निभाने वाले टीम की सराहना करते हुए कहा कि वन्यप्राणियों के शिकार जैसी घटनाओं को सरकार गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में उपवनमंडल अधिकारी चित्रकोट योगेश रात्रे, परिक्षेत्र अधिकारी कोटमसर विंसेंट जैकब, परिक्षेत्र अधिकारी कोलेंग मनहर सिंह बघेल, रेंज असिस्टेंट पितवास भारती एवं परवेंद्र राय, बिट ऑफिसर वीरेंद्र भारद्वाज एवं डूमर नायक की सक्रिय भागीदारी रही।

वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में गश्त, गुप्त निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। साथ ही यह भी दोहराया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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दिनेश के.जी. (संपादक)

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