स्वरोजगार का सुनहरा अवसर : बस्तर में खुलेगा पर्यटन और रोजगार का नया द्वार, आदिवासी ग्रामीणों को मिलेगा होम स्टे योजना का लाभ, 07 अगस्त तक करें आवेदन

घूमो बस्तर, रुको गांव में – होम स्टे से बदलेगी तस्वीर
आदिवासी गांव बनेंगे पर्यटकों का ठिकाना, प्रशासन देगा आर्थिक सहायता
बस्तर के गांवों में पर्यटन की रौनक, होम स्टे योजना से लौटेगा आत्मनिर्भरता का उजाला
जगदलपुर। बस्तर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आदिवासी समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला प्रशासन द्वारा आदिवासी ग्रामों में होम स्टे योजना के संचालन हेतु इच्छुक व्यक्तियों से 07 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इस योजना के तहत चयनित व्यक्तियों को होम स्टे हेतु नवीन निर्माण के लिए 5 लाख रुपये तक तथा पहले से संचालित होम स्टे के उन्नयन हेतु 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करते हुए, स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और आय का स्थायी स्रोत प्रदान करना है।
भूमि स्वामित्व अनिवार्य : आवेदनकर्ता के पास प्रस्तावित भूमि का स्वामित्व और उसका कब्जा होना अनिवार्य शर्त रखी गई है।
प्राथमिकता इनको मिलेगी : पहले से होम स्टे संचालित करने वाले, महिलाएं और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हुए व्यक्तियों को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
जानकारी और आवेदन : इच्छुक आवेदक अधिक जानकारी हेतु जिला कलेक्टर कार्यालय, बस्तर की सामान्य शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना न केवल बस्तर की सुंदरता को देश-दुनिया से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि आदिवासी समाज के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
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