छत्तीसगढ़रायपुरसाहित्य सृजन

कृष्ण जन्माष्टमी विशेष : भक्ति रस में डूबी कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल की भावपूर्ण रचना – “श्याम जी आप सहारा”

रायपुर। भक्ति की मधुर धारा में डूबी कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल ने अपने गीत विधा में रचित नवीन काव्य “श्याम जी आप सहारा” के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी गहन श्रद्धा और समर्पण को स्वर दिया है।

“सुषमा के स्नेहिल सृजन”

विधा-गीत

“श्याम जी आप सहारा”

जय-जय जय बृजराज, कृष्ण का भजन सुनाऊँ।
करती दृढ़ विश्वास, श्याम को आज रिझाऊँ।।
दर्शन दो हे! श्याम, खुले भवबंधन ताला।
चरण शरण हूँ नाथ, दया कर मुरलीवाला।।

कर दो जीवन धन्य, मिले चरणामृत धारा।
संग तुम्हारा नाम, छटे दुख का अँधियारा।।
हरि कृपा हो प्राप्त, रटूँ नित मंगलमाला।
चरण शरण हूँ नाथ, दया कर मुरलीवाला।।

’सुषमा’ पावन नाम, नित्य शुभ लगता प्यारा।
रक्षा करना आप, श्याम जी एक सहारा।।
भक्ति-भाव है साथ, प्रभो प्रिय हे! गोपाला।
चरण शरण हूँ नाथ, दया कर मुरलीवाला।।

गाऊँ हरि गुणगान, चरण नित शीश झुकाऊँ।
पूजन आरत थाल, आज मैं खूब सजाऊँ।।
शंख बजाकर दीप, जलाऊँ हे! नंदलाला।
चरण शरण हूँ नाथ, दया कर मुरलीवाला।।

_कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल (रायपुर छ.ग.)


गीत में कवयित्री ने बृजराज श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करते हुए भक्ति, विश्वास और करुणा की भावनाओं को शब्दों में पिरोया है। “चरण शरण हूँ नाथ, दया कर मुरलीवाला” जैसे मार्मिक पद पाठकों और श्रोताओं के मन को भक्ति भाव से भर देते हैं।

सुषमा जी ने अपने गीत में श्रीकृष्ण से जीवन को धन्य बनाने, चरणामृत की धारा पाने और दुखों के अंधियारे को मिटाने की प्रार्थना की है। हर पद में उनके हृदय की सच्ची आस्था और भक्ति की गूंज सुनाई देती है।

धार्मिक और सांस्कृतिक मंचों पर प्रस्तुत होने योग्य यह गीत न केवल भक्तिरस में भीगाता है बल्कि पाठकों के हृदय को भी प्रभु के चरणों में समर्पित कर देता है। कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल की यह रचना भक्ति साहित्य में एक अनमोल जोड़ है।

📢 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें!

ताज़ा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज़ और विश्वसनीय अपडेट्स सीधे WhatsApp पर पाएं। अभी फॉलो करें 👉

📲 WhatsApp चैनल फॉलो करें

दिनेश के.जी. (संपादक)

सिर्फ खबरें लगाना हमारा मक़सद नहीं, कोशिश रहती है कि पाठकों के सरोकार की खबरें न छूटें..
Back to top button
error: Content is protected !!