
सीजीटाइम्स। 01 जुलाई 2019
जगदलपुर। वन अधिकार अधिनियम के तहत निरस्त आवेदनों की समीक्षा के लिए गठित ग्राम स्तरीय समिति को प्रशिक्षण के लिए नियुक्त मास्टर ट्रेनरों को सोमवार को प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित किया गया। इसमें नोडल अधिकारी गोकुल रावटे, बस्तर की एसडीएम दिप्ती गौते, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद जी सिंह उपस्थित थे। यहां मास्टर ट्रेनरों के साथ ही सहायक विकास विस्तार अधिकारी, राजस्व निरीक्षक एवं वन परिक्षेत्राधिकारियों को भी वन अधिकार अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को इस योजना के तहत दिए जाने वाले लाभों के संबंध में बताया गया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वन अधिकार अधिनियम के तहत पूर्व में निरस्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए 13 दिसम्बर 2005 की स्थिति में वन भूमि पर काबिज आदिवासियों एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों को वन अधिकार पत्र दिए जाएंगे। वन अधिकार पत्रों की समीक्षा के लिए बस्तर जिले में ग्राम समितियों का गठन किया जा चुका है, जिन्हें मास्टर ट्रेनरों द्वारा क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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