
पवन दुर्गम, बीजापुर। सात वर्ष पूर्व 06 दिसंबर 2013 को पत्रकार ‘साईं रेड्डी’ की हत्या की गई थी, शुक्रवार साप्ताहिक बाजार बासागुड़ा में साईं रेड्डी की धारधार हथियारों से वार कर निर्मम हत्या नक्सलियों ने की थी। आज साई रेड्डी की हत्या सहित 13 नक्सल वारदातों में शामिल “मडकम देवा” और एक महिला नक्सली “सुमित्रा चेपा” ने नक्सलवाद को तौबा कर बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, एसपी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर रितेश अग्रवाल के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। मडकम देवा 5 लाख का इनामी नक्सली था।
बता दें कि मरकम देवा 1995 से दिसंबर 2014 तक जगरगुंडा बासागुड़ा एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय रहा था वर्ष 2005 में दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ का वह अध्यक्ष भी रहा है वही 2002 में बासागुड़ा में आईडी लगाकर पुलिस पार्टी को निशाना बनाने आईडी ब्लास्ट में 2 जवान शाहिद हुए थे। 2002 से 2019 तक करीब 13 नक्सल वारदातों में मरकम देवा सम्मिलित रहा है जिसमें 2013 में बासागुड़ा में पत्रकार साईं रेड्डी की हत्या भी शामिल है साथ ही मुखबिरी, आईडी ब्लास्ट और हत्या की अनेक घटनाओं में मडकम देवा शामिल रहा है।
कोरोना संक्रमण के डर से जिस सुमित्रा चेपा को माओवादियों ने संगठन से बेदखल किया था, जिसका कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आया है उसने भी आज नक्सल विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। सुमित्रा 2005 से माओवादी बटालियन के कंपिनी न 1 सदस्य सक्रिय रही है। 2012 से 2015 के बीच 3 वारदातों में सुमित्रा चेपा शामिल रही है।
सुमित्रा चेपा इन घटनाओं में शामिल रही है। अप्रैल 2012 में किरंदुल पुलिस वाहन पर फायरिंग किए इस घटना में 6 पुलिसकर्मी मारकर से हथियार लूटे थे। 2014 में ग्राम कसल पर सुकमा में गश्त कर रही पुलिस पार्टी पर फायरिंग में शामिल रहे जिसमें 15 पुलिसकर्मी को मारे एवं 10 हजार लूटे थे।
वर्ष 2015 में ग्राम पिडमेल में सुकमा के जंगल में गस्त कर वापस आ रहे पुलिस पार्टी पर फायरिंग किए इस घटना में 3 पुलिसकर्मी मार कर दो हथियार लूट एवं तीन माओवादी सदस्य घायल हुए थे।
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