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सी-मार्ट योजना निकली सी-ग्रेड! : स्वरोजगार के नाम पर लूट की दुकान, सी-मार्ट घोटाले पर पूर्व विधायक बाफना का बड़ा आरोप, सीएम से की जांच की मांग

सी-मार्ट में सीधा घोटाला! बाफना ने खोले भ्रष्टाचार के परत-दर-परत राज़

करोड़ों का घोटाला, महिलाओं के हक पर डाका! कांग्रेस शासनकाल की सी-मार्ट योजना पर उठे गंभीर सवाल

फर्जी बिल, भारी टैक्स चोरी और मोटी कमाई : सी-मार्ट में भ्रष्टाचार की नई इबारत

बाफना का बड़ा खुलासा : “महिलाओं का हक हड़पा, कांग्रेस ने चलाया घोटाले का शोरूम”

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दरम्यान स्व सहायता समूह की महिलाओं व अन्य पारंपरिक और कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों को स्वरोजगार देने की बात कहकर हर जिले में सी मार्ट खोले गये थे। जिसके लिए कॉग्रेस सरकार द्वारा जनता के टैक्स के करोड़ों रूपए खर्च कर दिये गये। लेकिन कॉग्रेस शासनकाल की तमाम योजनाएं जो पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त रहीं, जिसका खामियाजा भी कॉग्रेस को केवल 5 वर्ष में ही सत्ता से बाहर होकर भुगतना पड़ा, उसी कांग्रेस सरकार की सी मार्ट योजना में भी व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के मामले अब सामने निकलकर आ रहे हैं। एक ऐसे ही मामले को लेकर जगदलपुर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शिकायती पत्र लिखकर जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।

पूर्व विधायक बाफना ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की सी मार्ट योजना में नियमानुसार उत्पाद किसी बड़े दुकानदार से नहीं बल्कि स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को खरीदने का नियम निर्धारित किया गया था किन्तु इस योजना के शुरूआती दौर में ही सभी नियमों को किनारे लगाकर बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में स्थानीय महिलाओं को सी मार्ट आंबटित न करके रायपुर व दूसरे बड़े शहरों के लोगों को सी मार्ट शोरूम आंबटित किये गये और उन्हीं संचालकों ने मोटी कमाई करने के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पाद बेचने शुरू कर दिये। और सरकार के इस कृत्य से यह बात जाहिर हो गई कि, कांग्रेस शासनकाल में महिलाओं, पिछड़ों के लिए शुरू की गई योजनाएं केवल कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार का मुख्य स्त्रोत थी। यही कारण है कि, कांग्रेस सरकार की सी मार्ट योजना से धरातल पर महिलाओं को किसी भी तरह का लाभ प्राप्त नहीं हुआ और प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार से पोषित कांग्रेस की योजनाओं पर पूर्ण विराम लगाना पड़ा।

वहीं बाफना ने बताया है कि सी मार्ट योजना सुकमा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में महिला स्व सहायता समूह के नाम पर न केवल फर्जी तरीके से अभी भी संचालित की जा रही है बल्कि, अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने के बावजूद सुकमा प्रशासन के कुछ अधिकारी आवासीय विद्यालयों में खाद्य व दैनिक उपयोग की सामग्री की खरीदी के लिए आश्रम व छात्रावास अधीक्षकों पर अनुचित दबाव डालकर उन्हें विवश कर रहे हैं, भले ही सामग्री गुणवत्ताहीन व बाजार मूल्य से अधिक दर पर ही क्यों न हो। इसके अलावा सुकमा स्थित सी मार्ट के संचालन के लिए डीएमएफ मद से 15 लाख रूपए की अग्रिम राशि स्वीकृत की गई व सीएसआर मद से सी मार्ट संचालिका को 45 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन व सरकारी आवास उपलब्ध करवाया गया, जो कि नियमों के दायरे में ही नहीं है। इसके साथ ही सुकमा जिले में स्थित सैकड़ों आश्रम, छात्रावास, पोटाकेबिन व स्कूलों में खाद्य व अन्य सामग्री फर्जी जीएसटी बिल लगाकर करोड़ों रूपए की सप्लाई कर लाखों रूपए की टैक्स की सरकार को चपत लगाई गई, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं एवं सुकमा के जिस शासकीय भवन में सी मार्ट संचालित किया गया, वहां 5 लाख रुपए से अधिक बिजली बिल व 20 से 25 लाख रूपए भवन कर किराये का भुगतान आज पर्यन्त नहीं किया गया। तथा दंतेवाड़ा में भी संचालित सी मार्ट में जगदलपुर के एक व्यापारी द्वारा दंतेश्वरी मंदिर ट्रस्ट को सी मार्ट के माध्यम से 9 अक्टूबर 2023 को 34 लाख 25 हजार रूपये का तेल व घी सप्लाई किया गया था, जिसका भुगतान भी दंतेवाड़ा सी मार्ट द्वारा व्यापारी को आज तक नहीं किया गया।

पूर्व विधायक बाफना ने इन्हीं सब तथ्यों का हवाला देकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ की गई सी मार्ट योजना को पूर्णरूप से दिशाविहिन व भ्रष्टाचार में लिप्त बताया है और जिसकी जांच कर स्व सहायता समूह की महिलाओं व अन्य को उनका हक दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कार्यवाही की मांग की है।

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दिनेश के.जी. (संपादक)

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